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ज्योतिष में ग्रह

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इस भाग में ग्रहों के बारे में जानकारी दी गई है

आभार

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सूर्य ग्रह

अंक: 1. सूर्यदेव (राजा/पिता) इष्टदेव:- राम/विष्णु

1. प्रकार:- देव
2.कारक भाव:- 1/9/10
3.उच्च राशी:-मेष(10' तक)
4. नीचराशी:- तुला (10' तक)
5.मूल त्रिकोण राशी :-सिंह(5'तक )
6. स्वाग्रही:- सिंह
7. मित्राग्रह:- चंद्रमा/मंगल/बृहस्पति
8. शत्रु ग्रह:-शुक्र/शनि
9. संग्रह:- बुध
10. राशि चक्र:- एक महीना
11. प्राकृतिक बल:- 100%
12. गुण:-सात्त्विक
13. स्वभाव:- स्थिर
14. वर्ण:- क्षत्रिय
15.कारक:-पिता/आत्मा/स्वास्थ्य/राज्य/लक्ष्मी/यशा/अच्छाई/शक्ति
16.स्थिति:-बुजुर्ग
17. प्रभावित अंग:- आंखें
18. विद्या :- राज्य
19. महादशा:- 6 वर्ष
20. समिधा:-आक(अवाक)
21. दान:- लाल (गेहूं, कपड़ा, फूल, चंदन, गाय, गुड़, दूध, केसर, धन, तांबा, सोना, माणिक)
22. दान का समय :- सूर्योदय के समय
23. रत्न:- मानेक या बिली की जड़ को धागे में बांधकर रविवार की सुबह धारण करना चाहिए।
24.धातु:-सोना या तांबा
25. उपवास:- रविवार का भोजन दही के साथ,
26. मंत्र संख्या:-7000 (सात हजार)
27.मंत्र:
(1) जपकुसुम संकशन कश्यपयम महाद्युतिम |
तमोरीम सर्व पापघन प्राणतोस्मि दिवाकरम ||
(2) ૐ सूर्य नमः


चंद्र महाराज

मुद्दा: 2.चंद्रदेव (महारानी/माता) इष्टदेव:-शिव/पार्वती/कृष्ण

1. प्रकार:- देव
2. कारक भाव:- 4
3. उच्च राशि:-वृषभ(3)
4. नीच राशी:- वृषविक(3)
5. मूल त्रिकोण राशी :-वृषभ(27)
6.स्वग्रही:- कर्क
7.मित्र:- सूर्य/बुध
8. शत्रु ग्रह:-कोई नहीं
9. समग्रह:- मंगल/बृहस्पति/शुक्र/शनि
10. राशि चक्र:- ढाई दिन
11. प्राकृतिक बल:-85%
12. गुण:-सात्त्विक
13. स्वभाव:- चंचल
14. वर्ण:- वैश्य
15.कारक:-मन/माँ-बुद्धि/संपत्ति/खुशी/विकास/यात्रा/धन/पृथ्वी
16.स्थिति:-युवा
17.अंग प्रभाव:-रक्त
18. विद्या :-ज्योतिष
19. महादशा :- 10 वर्ष
20. समिध:- पलाश(खाखरो)
21. दान:- सफेद (चावल, वस्त्र, फूल, चंदन, बैल, दूध, सोआ, कपूर, शंख, मोती)
22. दान का समय:-शाम को
23.नांग :- मोती की जड़ या अनंतबाला (खरेती) को सफेद धागे में सोमवार की सुबह या रात को धारण करना।
24:-धातु:-चांदी या सोना
25. व्रत:- 21वां सोमवार व्रत करना है
26.मंत्र:
(1) दधिशंका तुषारभम क्षीरोदर्णव संभवम् |
नमामि शशिनन सोमं शंभोर्मुकुट भूषणम ||
(2) ૐ शशिन नमम:


मंगलदेव महाराज

अंक: 3. मंगलदेव (सेनापति/पराक्रम) इष्टदेव:-हनुमानजी/कार्तिकेय/नरसिम्हा

1. प्रकार:- देव
2. कारकस्थान:-3/6
3.उच्च राशी:-मकर (28)
4. नीच राशी:-कैंसर (28)
5. मूल त्रिकोण राशि :- मेष (12)
6.स्वगृहीशी:-मेष/वृषभ
7. मित्र ग्रह:-सूर्य/चंद्रमा/बृहस्पति
8. शत्रु ग्रह :- बुध / केतु
9. सम ग्रह:-शुक्र/शनि
10. राशि चक्र समय:-साव मास
11. प्राकृतिक बल: -30%
12. गुण:- तमासी
13. स्वभाव:-भयंकर
14. वर्ण:-निनाम क्षत्रिय
15.कारक:-ऊर्जा/साहस/रोग योग्यता/छोटा भाई/जमीन (फार्म-हाउस)/शत्रु
16.शर्त:-युवा
17.अंग प्रभावित:-मज्जा
18. विद्या :- सैनिक
19. महादशा :- 7 वर्ष
20. समिधा :- खेर
21. दान:- लाल (गेहूं, वस्त्र, फूल, चंदन, बैल, गुड़, बाल, दाल, दूध, केसर, तांबे का पात्र, सोना)
22. दान का समय:- सूर्योदय के 1 घंटे बाद
23 अंक:-प्रवल या अनंत की जड़ लालडोरा में मंगलवार की सुबह लेनी चाहिए
24.धातु:-तांबा या सोना
25. व्रत:- 21वें मंगलवार को घी, गुड़, गेहूं का प्रयोग कर पेस्ट बना लें।
26. मंत्र संख्या:-10,000 (दस हजार)
27.मंत्र:
(1) धरणी गर्भसम्भुतम विद्युतुकंति सम्प्रभम |
कुमारम शक्तिहस्तं तन मंगलम प्रणाममयम् ||
(2) ૐ अंगारकाया नाम:


बुद्ध महाराज

संख्या: 4. बुद्धदेव (राजकुमार/बुद्धि-वाणी) इष्टदेव:-गणेश/दुर्गा/भगवान बुध

1. प्रकार:- दानव
2. कार्य: -4/10
3. उच्च राशी:-कन्या(15)
4. नीच राशी:-मिन (15)
5. मूल त्रिकोण राशी :- कन्या(15-20)
6.स्वगृहीशी:- मिथुन/कन्या
7.मित्र ग्रह:- सूर्य/शुक्र/राहु
8. शत्रु ग्रह:-चंद्रमा
9.समग्रह:-मंगल/बृहस्पति/शनि/केतु
10. राशि चक्र का समय:- पूना मासा
11. प्राकृतिक बल:- 45%
12. गुण:-राजसी
13. स्वभाव:- मिश्रित
14. वर्ण:- वैश्य
15.करका:- भाषण/दोस्ती/सीखना/विवेक/दक्षता/ मामा/गणित/चिकित्सक/व्यवसाय/लेखक
16. स्थिति:- युवा
17. अंग प्रभाव:- त्वचा
18. विद्या :- गणित
19. महादशा:-17 वर्ष
20. समिध :-अपामार्ग
21. दान:- हरा (कपड़ा, फल, फूल, मग, घी, चीनी, कपूर, वाहन, हाथी दांत, चांदी, सोना, पीतल का पात्र, पन्ना)
22. दान का समय:- सूर्योदय के 2 घंटे बाद
23 नंबर:- नीलम। पन्ना या विहारीकंद की जड़ लीलाडोरा में बुधवार की सुबह लेनी चाहिए।
24:-धातु:-सोना
25. व्रत:- 13वें या 17वें या 21वें बुधवार का व्रत करना चाहिए
26. मंत्र संख्या:-4000 (चार हजार)
27.मंत्र:
(1) प्रियं गुकालिका श्यामम रूपेनाप्रतिम बुधम |
सौम्यम सौम्या गुणोपेटम ताम बुधम प्रणामयम् ||
(2) ૐ बू बुधाय नम:


गुरु महाराज

अंक:5.गुरुदेव(राजगुरु/ज्ञान-सुख)इष्टदेव:-विष्णु/ब्रह्माजी/वामनजी

1. प्रकार:- देव
2. कारकस्थान:-2/5/9/10/11
3. उच्च राशी:-कैंसर(5)
4. नीच राशी:- मकर(5)
5. मूल त्रिकोण राशी:- धनात्मक(5-10)
6.स्वगृही:-धन/मीन
7.मित्र ग्रह:- सूर्य/चंद्रमा/मंगल
8. शत्रु ग्रह:- बुध/शुक्र
9.समग्रह:-शनि/राहु/केतु
10. राशि चक्र:- तेरह महीने
11. प्राकृतिक बल:-55%
12. गुण:- सात्विक
13. स्वभाव:-क्षिप्त
14. वर्ण:- उच्च ब्राह्मण
15.कारक:- ज्ञान/शरीर/पुत्र/स्वास्थ्य/धन/सौंदर्य/ धर्म/शरीर पहलू
16. पद :- बुद्ध
17. अंग प्रभाव:- शर्बी
18. विद्या :- ज्ञान
19. महादशा:-16 वर्ष
20. समिध :-पिपल
21.दान:-पीला (कपड़े, फूल, अनाज, हल्दी, नमक, फल, चना दाल, चीनी, केसर, दूध, सोना, किताब, कांस्य, पुखराज)
22. दान का समय:-शाम को
23. अंक :- पुखराज या केले की जड़ को गुरुवार के दिन पीले या केसर के धागे में धारण करना चाहिए।
24:-धातु:-सोना
25. व्रत:- 21वें गुरुवार को चने के पकवान के साथ भोजन करना
26. मंत्र संख्या:-19000 (उन्नीस हजार)
27.मंत्र:
(1) देवनम चा रिषिनम चा गुरु कंचननिभम |
बुद्धिभूतम त्रिलोक्सन तम नमामि बृहस्पतिम ||
(2) ૐ गुरुवे नम: |


शुक्र महाराज

अंक 6.शुक्रदेव(भोगविलास/सुख) इष्टदेव:-परशुराम/लक्ष्मीजी

1.शैली:- दानव
2. कारक:- 7
3. उच्च राशि:-मिन(15)
4. नीचराशी:- बुध(15)
5. मूल त्रिनेत्र राशी :-तुला(15)
6.स्वगृही राशी:- वृष/तुला
7. मित्राग्रह:- बुध/शनि/केतु
8. शत्रु ग्रह:-सूर्य/चंद्रमा/राहु
9.समग्रह:-मंगल/बृहस्पति
10. राशि चक्र का समय:- पूना मासा
11. प्राकृतिक बल:-70%
12. गुण:-राजसी
13. स्वभाव:-सौम्य
14. वर्ण:- निनाम ब्राह्मण
15.कारक:-काम/स्त्री/सुख/सुंदरता/वाहन/अभिषेक/प्रेम /वाहन/सवारी/गीत-संगीत जैसी खुशी
16. स्थिति:- युवा
17. अंग प्रभाव:- वीर्य
18. विद्या :- कला
19. महादशा :- 20 वर्ष
20. समिधा :- गुलर
21. दान:- सफेद (फूल, चंदन, चावल, घी, दूध, दही, गाय, घोड़ा, शंख, रंगीन वस्त्र, चांदी, हीरा, सोना)
22. दान का समय:-सूर्योदय के समय
23. रत्न :- हीरा या सरपुंखा जड़ शुक्रवार के दिन सफेद धागे में धारण करना चाहिए
24:-धातु:-चांदी या सोना
25. उपवास:-13 शुक्रवार एक बार का भोजन
26. मंत्र संख्या:-16,000 (सोलह हजार)
27.मंत्र:
(1) हिमकुंड मृणालभम दैत्योंम परमं गुरुम |
सर्व शास्त्र प्रवाकातारम भार्गवम् प्रणामम्यम् ||
(2) ૐ शु शुक्राय नमः |


शनि महाराज

संख्या 8. शनिदेव (सेवक/डू:ख) इष्टदेव:-भैरवजी/यम/कुर्म/हनुमानजी

1. प्रकार:- दानव
2. कारकस्थान:- 6/8/12/10
3. उच्च राशि:-तुला (20)
4. नीच राशी:- मेष (20)
5. मूल त्रिकोण राशि :- कुम्भ(2)
6.स्वगृही राशी:-मकर/कुंभ
7. मित्राग्रह:- बुध/शुक्र/राहु
8. शत्रु ग्रह:-सूर्य/चंद्रमा/मंगल
9.समग्रह:- बृहस्पति/केतु
10. राशि चक्र:- ढाई साल
12. गुण:- तमस
13. स्वभाव:- गरीब
14. वर्ण:-शूद्र
15.कारक:- कष्ट/नौकर/न्याय/आय/जीवन/व्यवसाय/मृत्यु का कारण/दुख/ आयु/हथियार/तेल/कृषि/मशीनरी (इलेक्ट्रॉनिक्स)
16.स्थिति:- अति बुद्ध
17. अंग प्रभाव:- पेशी
18. विद्या :-व्यापार/प्रौद्योगिकी
19. महादशा:-19 वर्ष
20. समिध :-शमी
21.दान:-काली वस्तु (कपड़े, गाय, जूते, कंबल, लोहा, तेल, नीलम, सोना, आदि)
22.:- दान का समय:-दोपहर का समय
23. अंक:- नीलम या नगोड़ी या अगेव की जड़ को शनिवार की शाम को काले धागे में धारण करना चाहिए।
24:-धातु:-लोहा या सोना
25. उपवास:- 21वें शनिवार को एक बार उपवास करना
26. मंत्र संख्या:-23000 (तेईस हजार)
27.मंत्र:
(1) नीलांजन समभासम रविपुत्रन यमराजम |
चायमर्तंड संभूतम तम नमामि शनैश्वरम ||
(2) ૐ शनैश्वराय नम: |


राहु महाराज

इष्ट (सरस्वती/शेषनाग)

1. प्रकार:- दानव
2. कारण स्थिति :- 12
3.उच्च राशी:- मिथुन (1-15)
4.निच राशी:- धन(1-15)
5.मूल त्रिकोण :- कर्क
6. स्वाग्रही :- कन्या
7. मित्रग्रह :- बुध, शुक्र, केतु
8. शत्र ग्रह :- सूर्य, चंद्रमा, मंगल
9..समग्रह :- गुरु
10.राशी चक्र :- 1.6 वर्ष
11. प्राकृतिक बल :----
12. कारक:- दादा-दादी/ सर्प/खोई हुई वस्तु/छिपा हुआ धन
13. दशा :- पुराना
14.अंग:----
15. विद्या:- गुड़
16.महादशा :- 18 वर्ष
17.समिध:- दूर्वा/धारो
18. दान:- शनिवार की शाम को काली वस्तु (सीसा, काला तिल, तेल, रेशमी वस्त्र, काला फूल)
19. उपवास :- शनिवार
20.रत्न:- गोमेद या सफेद चंदन को नीले धागे में धारण करने की रस्म
21. मंत्र संख्या :- 18000(हजार)
22. मंत्र 1
अर्धकायन महावीरन चंद्रादित्य विमर्दनम |
सिंहिकागर्भ संभुट्टन तन राहु प्रणामयम् ||
2. ૐ राहुवे नमः ||


केतु महाराज

केतु महाराज इष्ट (गणेश / मत्स्य )

1. प्रकार:- दानव
2. कारक स्थान :- 6
3.उच्च राशी :- सकारात्मक(1-15)
4. निच्च राशी:- मिथुन (1-15)
5.मूल त्रिकोण राशी :- सिंह
6. स्वग्रही :- मिथुन
7. मित्रग्रह :- बुध, शुक्र, राहु
8. शत्रु ग्रह :- सूर्य, चंद्रमा, मंगल
9.समग्रह :- गुरु
10.राशी चक्र :- 1.6 वर्ष
11. प्राकृतिक बल :----
12. कारक:- नाना-नानी/ दर्द/खर्च/घाव/चक्कर आना
13. दशा :- पुराना
14.अंग:----
15. विद्या:- तंत्र
16. महादशा :- 7 वर्ष
17. समिधा:- कुशा
18. दान:- मंगलवार की शाम को काली वस्तु (सीसा, काला तिल, तेल, रेशमी वस्त्र, काला फूल)
19. उपवास :- मंगलवार
20.रत्न:- लीचीयु या अश्वगंधा की जड़ को नीले धागे में धारण करने से
21.मंत्र संख्या:- 17000(हजार)
22. मंत्र 1
पलाश पुष्पसंकशन तारक ग्रह मस्तकम |
रौद्रन रौद्रटिकन घोरं ता केतु प्रणाममयम् ||
2 ૐ केतवे नमः ||